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बच्चों के गृहकार्य में अभिवावक कैसे करें मदद

बच्चों के साथ-साथ अभिवावकों के लिए भी गृहकार्य किसी हौवा से कम नहीं होता। होमवर्क केवल बच्चों ही नहीं, बल्कि अभिवावकों  को भी डराता है। जो खुद  समय निकाल पाते हैं, वे तो किसी तरह साथ बैठकर होमवर्क पूरा करवा देते हैं, पर अति व्यस्त कामकाजी स्त्रियों को सिर्फ होमवर्क  के लिए ट्यूटर का सहारा लेती है। अगर किसी वजह से होमवर्क पूरा न हो पाए तो अगले दिन बच्चे स्कूल जाते हुए डरते हैं। 

जब आप बच्चों के गृहकार्य में मदद करा रहें हों तो इस समय सही सतुंलन और समंजस्य बनाना बहुत आवश्यक होता है। बच्चे को मिला स्कूल से गृहकार्य ना केवल उसके लिए होता है बल्कि अभिवावकों को भी उससे यह पता चतलता है कि बच्चा आखिर स्कूल में क्या सिख रहा है। गृहकार्य कराते समय आपके मन में कुछ इस तरह के कई प्रश्न आ सकते हैं – जैसे माता-पिता की किस तरह की भागीदारी अच्छी है या माता-पिता की कितनी भागीदारी वास्तव में बच्चों को उनके गृहकार्य में मदद करती है? और इसका उत्तर कुछ हद तक आपको गृहकार्य कराते समय मिल सकता है। बच्चों को अपना गृहकार्य यानि होमवर्क खुद करने में मदद करने पर ज्यादा जोर देना चाहिए, बजाय इसके कि आप उनका कार्य कर के दें। माता-पिता की अपने बच्चों को गृहकार्य में मदद करने की भागीदारी बच्चे की उम्र पर भी निर्भर करती है। नर्सरी के छात्र जो पहली बार अपना गृहकार्य कर रहे हैं, उन्हें कक्षा 6 में पढ़ने वाले लोगों की तुलना में अधिक प्रत्यक्ष भागीदारी की आवश्यकता हो सकती है। लेकिन फिर भी आप उनकी परेशानी को  देखते हुए उनका कार्य स्वंय ना करने की सोचें। बल्कि उन्हें बताएं कि इस काम को किस तरह से करना है और उन्हें वह करने दें।

बच्चों को सीखाने और संशोधित करने के लिए गृह कार्य सबसे अच्छा तरीका है। जो कक्षा में पढ़ाया जाता है और परिणाम या ग्रेड में दिखाई देते हैं। इसलिए, गृहकार्य पर अधिक समय बिताने से उन बच्चों की तुलना में शैक्षणिक रूप से बेहतर करने में मदद मिल सकती है जो गृहकार्य नहीं करते हैं।

नीचे दिए गए कौशल बच्चों को उनकी गृहकार्य स्वंय करने की कला विकसित करने में मदद कर सकते हैं


संगठनात्मक कौशल - बच्चों में आत्मविश्वास पैदा करने में मदद करता है जो सीखने और करने की आवश्यकता पर महारत हासिल कर सकता है इस कौशल की मदद से बच्चा अपने कार्य स्वयं करने की चाह रखता है।

समय-प्रबंधन कौशल - बच्चे को समय प्रबंधन कौशल  विशेषज्ञ बनने में मदद करता है। यह बहुत अधिक दबाव महसूस किए बिना उन्हें अपना काम पूरा करने की आजादी प्रदान करता है।

सक्रिय अध्ययन रणनीतियाँ - घर के कामों से बच्चे को अपनी अध्ययन रणनीति बनाने में मदद मिलती है। यह उन्हें स्वयं की कमजोरियों का मूल्यांकन करने में भी मदद करता है ।आप बातों बातों में कुछ गिनने या गुणा भाग करने को उन्हें कह सकते हैं जिससे उनकी काम में रुचि बढ़ेगी।

बच्चों के गृहकार्य में मदद करने के दौरान माता-पिता को ध्यान में रखने वाले  कुछ बिंदु यहां दिए गए हैं-


• गृहकार्य करने के लिए उनके लिए एक समय-सारणी बनाएं।
• गृहकार्य करने के लिए घर में सबसे अच्छी जगह का चयन करें।
• उन सभी विकर्षणों को दूर करना जो उनकी पढ़ाई में बाधा उत्पन्न करती हैं।
• संसाधनों और आपूर्ति का काम करना।
• उनके रोजमर्रा के कामों की निगरानी करना।
• उन्हें उचित मार्गदर्शन प्रदान करना।

आपका ध्यान बच्चे के लिए गृहकार्य करने के बजाय, उनके असाइनमेंट के बारे में बात करने और उन्हें समझाने पर होना चाहिए ताकि बच्चे को यह पता लगाना आसान हो जाए कि गृहकार्य पूरी तरह से करने के लिए क्या करने की आवश्यकता है। एक बार जब बच्चा गृहकार्य पूरा कर लेता है, तो माता-पिता के लिए असाइनमेंट की समीक्षा करना भी बहुत महत्वपूर्ण होता  है, क्योंकि इससे उन्हें बहुत आत्मविश्वास महसूस होता है। ऐसा करने से आपको उनकी कमजोरियों और क्षमताओं का पता चलेगा।

अपने बच्चों को स्वंय नेतृत्व करने दें

यह महत्वपूर्ण बिंदु है जिसे हर माता-पिता को ध्यान में रखना चाहिए। बच्चे के गृहकार्य में  उनके नेतृत्व करने से उन्हें सबसे कठिन काम निपटाने में मदद मिल सकती है। आप उनसे कुछ छोटे-मोटे कार्य स्वंय करने को कह सकते हैं जैसे कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना, बच्चे का बैकपैक न खोलना, उन्हें खुद उनका सहेजने देना, गृहकार्य के लिए किताबों और कॉपियों को बच्चों को निकालने देना और बच्चे को ऐसा करने के लिए कहना, उसे बढ़ने और परिपूर्ण बनने में मदद करेगा। याद रखें कि यह आपका काम नहीं है बल्कि आपके बच्चे का काम है।

अपने बच्चे से बात करें और कक्षा में सिखाई गई चीजों के बारे में उनसे पूछें। यदि कोई नया काम मिला है और वो बच्चे को समझ नहीं आ रहा है तो आप उसे समझा सकते हैं। उनकी स्कूल डायरी से स्वयं पढ़ने के बजाए उन्हें पढ़ने को कहें। असाइनमेंट के बारे में  समझाने का मौका दें, ऐसा करने से उन्हें पढ़ाई में ज्यादा मदद मिलेगी और उनकी रुचि बनाने में भी मदद मिलेगी।

बच्चों के साथ परामर्श करने के बाद, गृहकार्य करने के लिए उनके लिए एक समय सारणी निर्धारित करें। उस अनुसूची को महत्व दें जो आपके बच्चे द्वारा सुझाई गई है, लेकिन अगर आपको लगता है कि यह सही नहीं चल रहा है या आवश्यकता से अधिक समय गृहकार्य पर जा रहा है, तो इसे तत्काल बदल दें।

बच्चों के गृहकार्य के लिए सही माहौल बनाएं

अपने बच्चे को गृहकार्य करने के लिए घर में सही जगह का चयन करना बहुत ही महत्वपूर्ण है और यह सुनिश्चित करें कि यह क्षेत्र कंप्यूटर, लैपटॉप या टीवी जैसे विकर्षणों से मुक्त हो जो उसकी एकाग्रता में बाधा बन सकता है । इनके होने से वह अपना गृहकार्य करने में अधिक समय लेता है। इसलिए इन चीजों को उससे दूर रखें।

माता-पिता का यह भी कर्तव्य है कि वे बच्चों के गृहकार्य के लिए आवश्यक सभी चीजों को संभाल कर रखें जैसे - पेंसिल, पेपर, कैलकुलेटर, पेन, कम्पास, प्रोट्रैक्टर इत्यादि।
यदि आप ऐसा करते हैं तो निश्चिततौर पर आप बच्चों की सहायता उनके गृहकार्य में कर पाएगें।

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