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रिपोर्टर और पत्रकार

अगर आपकी भी रूचि  समाचार में , दुनिया में घट रही घटनाओं के बारे में जानने और लिखने में है, तो आपके लिए पत्रकार बनना कोई बड़ी बात नहीं है। पत्रकार बनने के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज़ सच्चाई और ईमानदारी है। अगर आप सच्चाई के साथ खड़े हैं और ईमानदारी से अपना कार्य करते है तो आपको पत्रकार बनने से कोई नहीं रोक सकता है। अगर देखा जाए तो पत्रकारिता का इतिहास हमारी आज़ादी से भी पहले का है। उस समय पत्रकारिता के लिए कोई कोर्स या विशेष संस्थान नहीं थे पर आज के तकनिकी युग में और बढ़ते प्रतियोगिता के कारण इन संस्थाओं का एक व्यक्ति को प्रकार बनाने में बहुत बड़ा योगदान है। पत्रकारिता से जुड़े लोगों को रिपोर्टर एवं पत्रकार के रुप में जाना जाता है। रिपोर्टर्स यानि संवाददाता जांच और अवलोकन के माध्यम से तथ्यों और समाचारों की घटनाओं को इकट्ठा, विश्लेषण और रचना करते हैं। रिपोर्टर और संवाददाता समाचार पत्र, समाचार पत्रिका, रेडियो और टेलीविजन के लिए कहानियां लिखते हैं। वे विभिन्न समाचार एजेंसियों से या व्यक्तिगत साक्षात्कार या जांच के माध्यम से प्राप्त समाचारों की व्याख्या, जांच और प्रसारण करते हैं। जबकि रेडियो और टेलीविजन रिपोर्टर ’लाइव’ कहानियों की रिपोर्ट करते हैं; अख़बार के रिपोर्टर उन कहानियों की रचना और संपादन करते हैं जो अगले दिन के समाचार पत्र में प्रकाशित होती हैं।

पत्रकारिता की परिभाषा की बात की जाए तो पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र हैं जिसमें किसी भी न्यूज़, घटना या कोई जानकारी को एकत्रित करके मिडिया के माध्यम से घर घर पहुँचाना ही पत्रकारिता हैं | पत्रकारिता के कई अंग हैं जैसे जैसे कैमरा मेन, न्यूज़ रिपोर्टर, न्यूज़ एडिटर, एंकर, फोटोग्राफर आदि| आपको इनमे से किसी एक विषय को चुनकर आगे बढ़ना होगा हलाकि पत्रकारिता में कुछ पोस्ट ऐसी भी होती है जो कुछ वर्षों के अनुभव के बाद ही मिलती है|

पत्रकार के कार्य

पत्रकार मूल रुप से निष्पक्ष समाचार और जनता को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समाचार दोनों के बारे में जानकारी प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रिपोर्टर्स राजनीतिक, सांस्कृतिक, खेल, अपराध, स्वास्थ्य, व्यवसाय और वित्त, शिक्षा और मनोरंजन हो सकते हैं। कुछ बहुत ही विशिष्ट रिपोर्टिंग करते हैं जबकि अन्य में व्यापक विषयों को शामिल किया जाता है। पत्रकारिता का क्षेत्र रचनात्मकता का क्षेत्र है। पकारिता आधुनिक समय में एक महत्वपूर्ण व्यवसाय बन गया है। जिसमे समाचार का एकत्रीकरण, समाचार लिखना, सारी जानकारियों को जुटाना, सम्पादित करना और सम्यक प्रस्तुतिकरण जैसे काम करने होते हैं। आज के समय में पत्रकारिता के अनेक माध्यम हो गए हैं जैसे कि अखबार, पत्रिकाएं, दूरदर्शन, रेडियो, वेब-पत्रकारिता आदि। जैस-जैसे इंटरनेट चर्चित हुआ है वैसे -वैसे पत्रकारिता ने भी अपने आप को विस्तृत किया है। अब हर कोई दुनिया में घट रही घटनाओं को और समाचारों को सबसे पहले जाना चाहता है। सब चाहते है कि वे बिना समय व्यर्थ किए मोबाइल में ही सारी जानकरी प्राप्त कर लें। जिस कारण पत्रकारिता ने अपने कार्य क्षेत्र को भी बहुत बढ़ाया है। 

पत्रकार के रूप में आपको फील्ड और डेस्क दोनों पर काम करना पड़ सकता है। फील्ड वर्क में रिपोर्टर और रिसर्च डिपार्टमेंट का काम होता है। फील्ड वर्क के काम में वे लोग ज्यादा अच्छा कर सकते हैं जिन्हें सोसाइटी की समझ है और संपर्क सूत्र अच्छे हें। एक रिपोर्टर का प्रमुख काम होता है प्रेस कॉन्फ्रेंस में जाना, इंटरव्यू लेना, किसी घटना की जानकारी इकट्ठा करना। अगर आपकी दिलचस्पी फोटोग्राफी में है तो आपको फील्ड में कैमरामैन का काम मिल सकता है। कैमरामैन का काम सिर्फ फोटो खींचना नहीं होता है बल्कि ऐसे फोटो लाना होता है जो न्यूज के साथ मिल सके। वहीं, डेस्क पर न्यूज राइटिंग, एडिटिंग का काम मिलता है। इसके लिए आपके पास भाषा ज्ञान होना आवश्यक है।

पत्रकारिता के क्षेत्र

प्रिंट पत्रकारिता: यह पत्रकारिता का सबसे पुराना क्षेत्र है जो भारत में अभी भी लोकप्रिय है। देश के कई भाषाओं में प्रिंट जर्नलिज्म के मौके उपलब्ध हैं। प्रिंट में मुख्य रूप से मैग्जीन, अखबार के लिए काम कर सकते हैं।

इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता: इलेक्ट्रॉनिक जर्नलिज्म पत्रकारिता को अक्षरों की दुनिया से निकालकर विजुअल की दुनिया में ले आया। ऑडियो, वीडियो, टीवी, रेडियो के माध्यम से यह दूर-दराज के क्षेत्र में भी लोकप्रिय होने लगा। टीवी सैटेलाइट, केबल सर्विस और नई तकनीकों के माध्यम से पत्रकारिता का यह सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है।

वेब पत्रकारिता: पत्रकारिता के इस प्लेटफॉर्म ने रीडर, विजिटर्स को फीडबैक की सुविधा दी, यानी आप न्यूज मेकर से सीधे सवाल पूछ सकते हैं। स्मार्ट फोन के आ जाने से यह दिनप्रतिदिन आगे बढ़ रही है। पत्रकारिता के भविष्य के रूप में इस माध्यम को स्थापित किया जा रहा है।

जन संचार: यह क्षेत्र पत्रकारिता से थोड़ा हटकर है, जर्नलिज्म की पढ़ाई के दैरान इसे भी पढ़ाया जाता है। किसी व्यक्ति, संस्थान की छवि को लोगों की नजर में सकारात्मक रुप से प्रस्तुत करना पब्लिक रिलेशन में आता है। पब्लिक रिलेशन का कोर्स करने के बाद बिजनेस हाउसेज, पॉलिटिकल पर्सन, सेलेब्रेटी और संस्थानों के लिए काम किया जाता है।

एक रिपोर्टर की भूमिका

  • प्रकाशन के लिए शोध विषय और कहानियां को लिखना।
  • रेडियो और टेलीविजन के लिए अखबारों, पत्रिकाओं, ब्लॉगों या लिपियों के लिए त्रुटि-मुक्त और सम्मोहक लेख लिखना।
  • विशेषज्ञों और अन्य स्रोतों के साथ संपर्क विकसित करना और बनाए रखना जो महत्वपूर्ण लीड और सुराग प्रदान करते हैं।
  • व्याकरण और शैली के लिए लेखों को संपादित करना और उनकी समीक्षा करना।
  • विभिन्न क्षेत्रों से समाचारों का संकलन करना।
  • अनुवर्ती कहानियों को समय पर।
  • कहानी का सही संस्करण प्राप्त करने के लिए विभिन्न वर्गों के लोगों का साक्षात्कार लेना।

एक पत्रकार के लिए आवश्यक कौशल

भाषा कौशल: पत्रकार के रुप में आपके पास लिखित और मौखिक कौशल दोनों में प्रवाह की आवश्यकता होती है। व्याकरण और रचना के नियमों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। समाचारों की रचना करते समय स्थानीय और नस्लीय भावनाओं के बारे में भी संवेदनशील होना चाहिए।

समाचार को सूंघने की शक्ति: एक पत्रकार के अंदर दूर से समाचार को पहचानने, उसे सूंघने की शक्ति होनी चाहिए। केवल समाचार एकत्र करना, विश्लेषण करना और रचना करना किसी को भी एक सक्षम रिपोर्टर नहीं बनाएगा। एक अच्छा रिपोर्टर वह होता है जो प्रतिद्वंद्वी से पहले खबरों को पहचान कर उनका संचार कर देता है। 

कंप्यूटर कौशल: एक रिपोर्टर को कंप्यूटर का अच्छा ज्ञान होना चाहिए और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को संभालने में सक्षम होना चाहिए।

महत्वपूर्ण और विश्लेषणात्मक सोच: विशेष रूप से व्यापार और वित्त समाचार की रचना करते समय तर्क और तार्किक सोच की उच्च डिग्री।

संचार कौशल: पत्रकार के अंदर संचार कौशल अवश्य होना चाहिए। प्रबंधन सभी पत्रकारों और संवाददाताओं के लिए एक अत्यंत आवश्यक कौशल है। संपर्क विकसित करना और सही समय पर सही लोगों के साथ संबंध बनाए रखना पत्रकार के लए महत्वपूर्ण होता है अतः उसे लोगों से संपर्क बनाना आना चाहिए।

अन्य कौशल
  • आजकल हर अखबार, पत्रिका में खबर को लिखने या संपादित करने का काम कंप्यूटर पर ही होता है। अखबार या पत्रिका हिंदी की होगी इसलिए आपको हिंदी टाइपिंग आना बहुत जरुरी है।
  • हिंदी अखबारों को भी कई बार अंग्रेजी में ख़बरें मिलती है, तो उनका अनुवाद करना आना चाहिए। तीसरी योग्यता हिंदी भाषा की है, जो एक हिंदी अखबार के लिए जरुरी ही है। योग्यता आपको देश विदेश दुनिया और कई जगह की जानकारी होनी बहुत जरुरी है।
  • अखबार में हर तरह की ख़बरें आती है और उन्हें संपादित करते समय यह जानकारी बहुत काम आती है पांचवी योग्यता यानी कंप्यूटर पर पेज की सेटिंग करने आनी चाहिए।
  • एक रिपोटर के लिए अखबार पर लिखना और उसकी सेटिंग करनी बहुत जरुरी है। और अखबार की दुनिया में किसी पत्रकार को किसी भी प्रकार का काम करना पड़ता है संपादक किसी से कुछ भी करने को कह सकता है।
  • आपको पेज बनाना भी आना चाहिए। यह आपका पत्रकारिता में पहला कदम है। जिसमे आपको पत्रकार बनने के लिए आपके पास यह योग्यता होनी जरुरी है।

एक रिपोर्टर के पक्ष और विपक्ष की बातें

पक्ष
  • प्रसिद्ध हस्तियों और गणमान्य व्यक्तियों का साक्षात्कार लेना
  • सभी महत्वपूर्ण घटनाओं का हिस्सा बनना।
  • अपनी बायलाइन और खबरों को प्रकाशित होते देखना।
  • महत्वपूर्ण घटनाओं को कवर करने के लिए मशहूर हस्तियों और गणमान्य लोगों के साथ यात्रा करना।
  • यह एक सामान्य 9-5 यानि 8 घंटे की नौकरी नहीं है। यह लचीलापन प्रदान करती है।
विपक्ष
  • लंबे और अनियमित काम के घंटे।
  • कभी-कभी धमकी मिलना विशेष रूप से जब अपराध की रिपोर्टिंग कर रहे हों या संवेदनशील मुद्दों को संभाल रहें हों।
  • गलती की कोई गुंजाइश नहीं है।
  • कोई सप्ताहांत या पंजीकृत अवकाश नहीं।
  • खासकर प्रिंट मीडिया के लोगों के लिए वेतन बहुत अधिक नहीं है।
  • परिवार से लंबी अनुपस्थिति खासकर तब यदि आप युद्ध या किसी अन्य राजनीतिक मुद्दे को कवर कर रहे हों।
  • सख्त समय सीमा और काम का दबाव।
पत्रकार को एक बुद्धिजीवी इंसान माना जाता है, एक ऐसा इंसान जो आमलोगों से कुछ हट कर सोचते और लिखते है। अगर आप भी किसी विषय को लेकर ऐसे ही अलग नजरिया रखतें है और उसे लिखने में रूचि रखतें हैं तो आप भी पत्रकार बन सकते हैं। क्योंकि पत्रकार हमेशा सिक्के के दोनों पहलुओं को देखने में दिलचस्पी रखते है। अगर आप सोच रहें है कि पत्रकारिता पाठ्यक्रम  करने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में नौकरी के क्या-क्या अवसर है। पत्रकारिता प्रशिक्षण के बाद आप किसी न्यूज़ एजेंसी में काम कर सकते हैं, न्यूज़ वेबसाइट  में,  प्रोडक्शन हाउस में , प्राइवेट या सरकारी न्यूज़ चैनल में , प्रसार भर्ती में , रेडियो चैनल में, फिल्म मेकिंग में, किसी कंपनी में पीआर की तरह काम कर सकते हैं।

आवश्यक योग्यता

अगर आप पत्रकारिता कोर्स करना चाहते हैं तो जरुरी है कि आप ने 12वीं कक्षा उत्तीर्ण किया हो। पत्रकारिता करने के लिए आपको मानसिक रूप से मजबूत होना होगा। क्योंकि आप को काम डेस्क पर भी करना होगा और बाहर फील्ड में भी। 12वीं के बाद आप चाहें तो डिप्लोमा, सर्टिफिकेट या डिग्री कोर्स कर सकते हैं। भारत के कई बड़े कॉलेजों में डिग्री लेवल पर मास मीडिया की पढ़ाई होती है। अगर आप ग्रेजुएशन के बाद पत्रकारिता की पढ़ाई करना चाहते हैं तो यह आपके लिए ज्यादा फायदेमंद होगी। ग्रेजुएशन के बाद पीजी डिप्लोमा इन मास कम्यूनिकेशन, डिप्लोमा इन पब्लिक रिलेशन कर सकते हैं। वहीं, सीधे दो वर्षीय पीजी डिग्री भी हासिल कर सकते हैं। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद आप सीधे पीएचडी या एमफील भी कर सकते हैं।

करियर संभावनाएं

पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद आपको न्यूज एजेंसी, न्यूज वेबसाइट, प्रोडक्शन हाउस, प्राइवेट और सरकारी न्यूज चैनल, प्रसार भारती, पब्लिकेशन डिजाइन, फिल्म मेकिंग में रोजगार से अवसर मिलते हैं। आप चाहें तो फ्रीलान्सिंग भी कर सकते हैं। आप किसी विश्विद्यालय या संस्थान में लेक्चरर की नौकरी भी कर सकते हैं।

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