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भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस)

भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) ग्रुप ए और ग्रुप बी के तहत प्रशासनिक राजनयिक सिविल सेवा है और सिविल सेवा परीक्षा के बाद अधिकारियों का चयन किया जाता है। आईएफएस के सदस्य अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। आईएफएस अन्य सिविल सेवाओं के विपरीत है क्योंकि यह देश के बाहरी मामलों जैसे कि कूटनीति, व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों से संबंधित है। एक आईएफएस अधिकारी की भूमिका बहुत ही आशाजनक और चुनौतीपूर्ण है। एक आईएफएस अधिकारी भारत के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण धागा है जो भारतीय विदेश नीति को आकार देने और देशों के साथ सभी राजनयिक और आर्थिक संबंधों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

आईएफएस विदेशी मामलों को लेकर काम करते हैं और विदेश मंत्रालय में अपनी सेवाएं देते हैं। आईएफएस अधिकारी यूपीएससी क्लियर करने के तीन साल की ट्रेनिंग के बाद आईएफएस ऑफिसर बनते हैं. आईएफएस अधिकारी डिप्लोमेसी से जुड़े मामलों में काम करते हैं और द्विपक्षीय मामलों को हैंडल करते हैं। इस सेवा के अधिकारी विभिन्न मुद्दे जैसे राजनीतिक और आर्थिक सहयोग, व्यापार और निवेश प्रोत्साहन वसांस्कृतिक घटनाओं से डील करते हैं।ये बहुत ही मुश्किल नौकरी होती है। इसलिए कुछ ही लोग इस सेवा को चुनते हैं।

आईएफएस  अधिकारियों के पास अन्य अधिकारियों से विपरित कुछ विशेष अधिकार होते हैं। राजनयिक के वियना सम्मेलन के अनुच्छेद 29 में यह प्रावधान है कि एक राजनयिक एजेंट का व्यक्ति अनूठे होगे। वह किसी भी प्रकार की गिरफ्तारी या हिरासत के पत्र नहीं होंगे। प्राप्त राज्य उससे उचित सम्मान के साथ व्यवहार करेगे और अपनी स्वतंत्रता या गरिमा पर किसी भी हमले को रोकने के लिए सभी उचित कदम उठाएगे। आईएफएस अफसर के निवास की रक्षा के लिए प्राप्त राज्य ज़िम्मेदार होता है। पुलिस के आदेश उन्हें बाध्य नहीं करते। आईएफएस अधिकारी की गाडी की नंबर प्लेट नीली होती है जोकि और किसी को प्राप्त नि है, वोह पलट से दर्शाती है की गाडी एक डिप्लोमेट की है।आईएफएस अफसर अदालत में गवाह के रूप में पेश होने से प्रतिरक्षा प्राप्त कर सकते हैं। उन्हें नागरिक या प्रशासनिक अदालत में गवाह के रूप में पेश करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है।

आईएफएस अधिकारियों की भूमिकाएं और जिम्मेदारियां

  • देश की कूटनीति, व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों को स्थापित करना। 
  • भारत को अपने दूतावासों, उच्च आयोगों, वाणिज्य दूतावासों और बहुपक्षीय संगठनों में प्रतिनिधित्व करना।
  • देश में भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना।
  • भारत और उस देश के बीच मित्रता को सुधारना और बढ़ावा देना, जिसमें अधिकारी तैनात हैं।
  • अंतरराष्ट्रीय मंचों और प्लेटफार्मों पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं और वे जिन देशों में नियुक्त किए जाते हैं।
  • भारत और अन्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग बनाए रखना।
  • हाल के घटनाक्रमों के बारे में भारतीय एमईए कार्यालय को लगातार अपडेट करते रहना।

पात्रता


शैक्षिक योग्यता:
उम्मीदवार को किसी भी विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री पास करना आवश्यक है। शामिल करना चाहिए
परीक्षा में उपस्थित होने वाले प्रत्येक उम्मीदवार जो अन्यथा पात्र हैं, को परीक्षा में छह प्रयासों की अनुमति होगी।

राष्ट्रीयता:
भारतीय प्रशासनिक सेवा और पुलिस सेवा के लिए एक उम्मीदवार को भारत का नागरिक होना चाहिए। अन्य सेवाओं के लिए, एक उम्मीदवार: - (ए) भारत का नागरिक हो, या (बी) नेपाल का, या (सी) भूटान का, या (डी) एक तिब्बती शरणार्थी जो 1 जनवरी, 1962 से पहले भारत आया था,स्थायी रूप से बसने के इरादे से, या (person) भारतीय मूल का व्यक्ति, जो पाकिस्तान, बर्मा, श्रीलंका, पूर्वी अफ्रीकी देशों केन्या, युगांडा, संयुक्त गणराज्य तंजानिया, जाम्बिया, मलावी से पलायन कर चुका है। ज़ैरे, इथियोपिया और वियतनाम भारत में स्थायी रूप से बसने के इरादे से आया था। बशर्ते कि श्रेणियों (बी), (सी), (डी) और (ई) से संबंधित उम्मीदवार वह व्यक्ति होगा जिसके पक्ष में भारत सरकार द्वारा पात्रता का प्रमाण पत्र जारी किया गया हो।

उम्र:
एक सामान्य वर्ग के उम्मीदवार को 21 वर्ष की आयु प्राप्त करनी आवश्यक है और इसकी अधिकतम आयु 32 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। ऊपर दिए गए पात्रता के अनुसार आयु-सीमा में छूट दी जाएगी: (i) अधिकतम पाँच वर्ष तक उम्मीदवार अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का है; (ii) अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के मामले में अधिकतम तीन साल तक का समय है। ऐसे उम्मीदवारों लागू आरक्षण का लाभ उठाने के पात्र होते हैं जो इन आरक्षित वर्गों से आते हैं।

परीक्षा का तरीका
आईपीएस परीक्षा में 3 चरण होते हैं प्रारंभिक, मैन्स और साक्षात्कार।

प्रीलिम्स मई-जून में आयोजित किए जाते हैं और परिणाम जुलाई-अगस्त में घोषित किए जाते हैं। मुख्य परीक्षा अक्टूबर-नवंबर में आयोजित की जाती है और इस चरण में अर्हता प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को अगले मार्च-अप्रैल में साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया जाता है। उम्मीदवारों की अंतिम भर्ती और पोस्टिंग उनकी रैंकिंग और उस विशेष वर्ष के दौरान भरे जाने वाले विभिन्न पदों के लिए उपलब्ध रिक्तियों पर निर्भर करती है। छात्रों को केवल प्रारंभिक परीक्षा के लिए आवेदन करना होता है। जिन उम्मीदवारों को आयोग द्वारा मुख्य परीक्षा में प्रवेश के लिए बैठने की घोषणा की गई है, उन्हें फिर से आवेदन करना होगा, जो कि उन्हें एडमिट कार्ड प्रदान किया जाएगा।

प्रीलिम्से परीक्षा में  200-200 अंकों के दो पेपर होते हैं। दोनों ही पेपर में आब्जेिक्टिव टाइप पूछे जाते हैं: 200 अंकों के इस पेपर में राष्‍ट्रीय और अंतरराष्ट्री य करंट अफेयर्स, भारतीय इतिहास और भारतीय राष्ट्री य आंदोलन, भारत और विश्व् का भूगोल, भारतीय राजतंत्र और गवर्नेंस (संविधान, पॉलिटिकल सिस्टरम, पंचायती राज, पब्लिक पॉलिसी), आर्थिक और सामाजिक विकास (सस्टेिनेबल डेवलपमेंट, गरीबी, जनसंख्याॉ), इनवायरमेंटल इकोलॉजी, बायो-डायवर्सिटी, क्लासइमेट चेंज और जनरल साइंस जैसे विषयों से ऑब्जेंक्टिव सवाल पूछे जाते हैं। इस पेपर को अटेम्ट् ड  करने के लिए समय सीमा 2 घंटे है।

पेपर II: 200 अंक के इस पेपर में कॉम्प्रिहेंशन, इंटरपर्सनल स्किल्सय, लॉजिकल रीजनिंग और एनालिटिकल एबिलिटी, डिसिजन मेकिंग और प्रॉब्ल।म सॉल्विंग, जनरल मेंटल एबिलिटी, बेसिक न्यू मरेसी और डेटा इंटरप्रिटेशन (चार्ट, ग्राफ, टेबल) से संबंधित सवाल पूछे जाते हैं। इस पेपर को अटेम्ट् ड  करने के लिए समय सीमा 2 घंटे है।

मुख्य परीक्षा: सिविल सर्विसेज़ के मेन एग्जा्म में लिखित परीक्षा और इंटरव्यू  शामिल है। लिखित परीक्षा में कुल 9 पेपर होते हैं, जिनमें दो क्वा्लिफाइंग (ए और बी) और सात अन्यर मेरिट के लिए हैं। उम्मी दवार एग्रीकल्च‍र, एनिमल हस्बें ड्री और वेटनरी साइंस, मानव विज्ञान, बॉटनी, केमिस्ट्रीश, सिविल इंजीनियरिंग, कॉमर्स और एकाउंटेंसी, इकनॉमिक्सञ, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, भूगोल, भू-विज्ञान, इतिहास, लॉ, मैनेजमेंट, मकेनिकल इंजीनियरिंग, मेडिकल साइंस, फिलॉसफी, फिजिक्स्, पॉलिटिकल साइंस और अंतरराष्ट्रीकय संबंध, मनोविज्ञान, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेंशन, समाजशास्त्रइ, स्टेटटस्टिक्सग, जू़लॉजी और भाषा (असमिया, बंगाली, बोडो, डोगरी, गुजराती, हिंदी, कन्न‍ड़, कश्मीनरी, कोंकणी, मैथिली, मलयालम, मणिपुरी, संथाली, सिंधी, तमिल, तेलुगु, उर्दु और अंग्रेजी) में से किसी एक का चुनाव बतौर ऑप्शैनल सब्जेतक्टम कर सकते हैं।

साक्षात्कार: मेन एग्जांम क्लियर करने के बाद उम्मी)दवारों को पर्सनल इंटरव्यूर राउंड के लिए बुलाया जाता है। यह इंटरव्यूि लगभग 45 मिनट का होता है। उम्मी दवार का इंटरव्यूक एक पैनल के सामने होता है। इंटरव्यू  के बाद मेरिट लिस्टू तैयार की जाती है। मेरिट लिस्टए बनाते समय क्वाालिफाइंग पेपर के नंबर नहीं जोड़े जाते हैं।

एक विदेश सेवा अधिकारी तीसरे सचिव के रूप में विदेश में अपना करियर शुरू करता है और सेवा में पुष्टि होने के बाद दूसरे सचिव के रूप में पदोन्नत होता है। बाद में पदोन्नति पहले सचिव, काउंसलर, मंत्री और राजदूत / उच्चायुक्त / स्थायी प्रतिनिधि के स्तर पर होती है। अधिकारियों को विदेश में भारतीय वाणिज्य दूतावास में भी तैनात किया जा सकता है जहां पदानुक्रम (ऊपर की तरफ) उप-वाणिज्य दूतावास, महावाणिज्य दूत और महावाणिज्यदूत हैं।

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