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स्कूल और करियर काउंसलर

स्कूल और करियर काउंसलर
यदि आप लोगों के साथ बातचीत करना पसंद करते हैं, और छात्रों और दोस्तों की समस्याओं का निवारण करने में आनंद लेते हैं। यदि आप तनावपूर्ण स्थिति में उन लोगों के साथ दया और सहानुभूति रखते हैं, तो स्कूल और करियर काउंसलर बनना आपके लिए सही करियर विकल्प हो सकता है। आज के समय में  करियर बनाना या सेट करना मुश्किल नहीं है। मुश्किल तो ये है कि आप कौन सा करियर चुनेंगे और उस पर कैसे आगे बढ़ेंगे? क्योंकि लोगों को ये समझने में ही आधी जिंदगी बीत जाती है कि उनकी पसंद क्या है, उनके अंदर क्या अच्छा करने की शक्ति है और वो किस चीज में करियर बना सकते हैं। अक्सर इस समस्या से छात्र वर्ग बहुत परेशान रहता हैष बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए वो समझ ही नहीं पाता है कि उसे किस क्षेत्र में करियर बनाना चाहिए। कई बार दूसरों की देखा-देखी वो ऐसा करियर चुन लेता है जिसमें ना उसे सफलता मिलती है ना वो उसे समझ पाता है। छात्रों की इन्ही समस्याओं का समाधान करियर और छात्र काउंसर करते हैं। जो एक तरह के मनोवैज्ञानिक ही होते हैं। 

करियर काउंसलिंग क्या है?

जैसा की हम सब को पता है कि छात्रों की वास्तविक क्षमता पता लगाने के लिए काउंसलिंग ज़रूरी है। कुछ छात्र तो अपने करियर का विकल्प सही चुन लेते हैं लेकिन बहुत सारे ऐसे छात्र भी हैं, जो या तो उलझन रहते हैं या फिर उनके पास कोई समझ ही नहीं होती है कि क्या करें। तो इन समस्यायों के समाधान के लिए बच्चों को काउंसलिंग की ज़रूरत पड़ती है | करियर काउंसलिंग 2 से 3 घंटे या अधिक से अधिक एक दिन का सेशन होता हो। कई बार छात्रों की समस्याओं को उलझनों को देखते हुए यह सेशन बढ़ा भी दिए जाते हैं। छात्रों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए गाइड किया जाता है कि वो किस क्षेत्र में अपनी रुचि के अनुसार करियर बना सकते हैं।

एक स्कूल और करियर काउंसलर कौन होते हैं?

स्कूल और करियर काउंसलर, आजकल एक छात्र या कलाइंट की शिक्षा और करियर में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। दिन-प्रतिदिन के आधार पर, स्कूल काउंसलर नैतिक शिक्षा, करियर नियोजन और हिंसा की रोकथाम में शामिल होते हैं। स्कूल एवं कॉलेज काउंसलर विषय चुनने , पढाई से संबधित मनोवैज्ञानिक समस्याओं को हल करने में छात्र-छात्राओं की मदद करते है उनकी शारीरिक , मानसिक और भावनात्मक परेशानियों को दूर करने में सहायता करते है | करियर काउंसलर मौजूदा करियर विकल्पों में से व्यक्ति की रूचि ,क्षमता और योग्यता के अनुरूप उसके लिए सर्वाधिक उपर्युक्त विकल्प का चयन करने में उसकी सहायता करते है |

स्कूल और कैरियर काउंसलर की भूमिका

  • काउंसलर्स शैक्षणिक उपलब्धि, व्यक्तिगत / सामाजिक विकास और करियर विकास के कई क्षेत्रों में छात्रों की मदद करते हैं, वह यह सुनिश्चित करते हुए है कि उनकी काउंसलिग द्वारा आज के छात्र कल के जिम्मेदार और अच्छी तरह से सूचित नागरिक बन पाएं और अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। 
  • छात्रों, अभिभावकों और अन्य लोगों के प्रश्नों का उत्तर देना।
  • यदि आवश्यक हो तो एक से अधिक परामर्श प्रदान करनाष
  • एप्टीट्यूड असेसमेंट और इंटरव्यू के माध्यम से छात्रों की क्षमताओं और हितों के क्षेत्रों को मापना।
  • छात्रों को शैक्षिक और करियर के लक्ष्यों को निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए रणनीति विकसित करने में मदद करना।
  • संगठन, समय प्रबंधन और प्रभावी अध्ययन की आदतों जैसे कौशल विकसित करने के लिए छात्रों के साथ काम करना।
  • छात्रों को सफल बनाने में मदद करने के लिए शिक्षकों, प्रशासकों और माता-पिता को शामिल करते हुए एक योजना-एक्शन विकसित करना।
  • स्नातक के बाद नशीली दवाओं के दुरुपयोग, बदमाशी-आवारापन, करियर की योजना और कॉलेज में प्रवेश जैसे विषयों पर कक्षाएं आयोजित करना।

स्कूल काउंसलर के प्रकार

प्राथमिक स्कूल काउंसलर: प्राथमिक स्कूल के छात्रों को स्वस्थ, सक्षम और आश्वस्त नागरिक बनने के लिए आवश्यक ज्ञान, दृष्टिकोण और कौशल विकसित करने में मदद करना।

मध्य विद्यालय के काउंसलर: यह काउंसलर स्कूल के कर्मचारियों, अभिभावकों और समुदाय के साथ काउंसलर शिक्षण प्रक्रिया को बढ़ाने और छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धि को बढ़ावा देने के लिए काम करते हैं। एक मध्य विद्यालय के छात्र के जीवन में काउंसलर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि य छात्रों को उनकी दुनिया के बारे में बढ़ती जिज्ञासा और एक उभरती आत्म-पहचान के बारे में  उलझी उलझन को दूर करते हैं।

हाई स्कूल काउंसलर: हाई स्कूल के वर्ष ऊर्जा, उत्साह, निराशा, निराशा और आशा से भरे होते हैं। स्कूल और करियर काउंसलर कार्यक्रम छात्रों के लिए व्यक्तिगत विकास को प्राप्त करने, सकारात्मक सामाजिक कौशल और मूल्यों को प्राप्त करने, उपयुक्त करियर लक्ष्यों और दुनिया के जिम्मेदार नागरिकों को निर्धारित करने के लिए आवश्यक हैं।

स्कूल और करियर काउंसलर बनने के लिए आवश्यक कौशल

सहानाभूति: दयावान बनना एक ऐसा गुण है जो तनावपूर्ण और कठिन परिस्थितियों से गुजरने वाले लोगों के साथ व्यवहार करते समय उनके काम में परामर्शदाताओं की मदद करता है। एक परामर्शदाता यानि काउंसर के अंदर यह गुण विद्यमान होना चाहिए।

श्रवण कौशल: परामर्शदाताओं के लिए  सही सुनना महत्वपूर्ण गुणवत्ता है। अच्छा सुनने का कौशल प्रदान करने से परामर्शदाताओं को ग्राहकों को उनकी समस्याओं, चिंताओं और मूल्यों के बारे में सुनने और समझने में मदद मिलती है।

लोग कौशल: विभिन्न प्रकार के लोगों के साथ काम करने की क्षमता परामर्शदाताओं के लिए आवश्यक है ताकि वे ग्राहकों, परिवारों, नियोक्ताओं और अन्य पेशेवरों के साथ काम कर सकें।

बोलने का कौशल: स्पष्ट रूप से बोलने की क्षमता, विचारों को व्यक्त करना और जानकारी को इस तरह से समझना जो ग्राहकों, परिवारों, नियोक्ताओं और अन्य पेशेवरों द्वारा आसानी से समझ में आता है।

नई जानकारी से अवगत रहनाः कोर्सेज या करियर चुनने में परामर्शदाता के रूप में कार्य करने वाल काउंसलर को विविध विषयों के पाठ्यक्रमो और देश-विदेश के उत्कृष्ट शैक्षिक संस्थानों की जानकारी होनी चाहिए | कौन-कौनसे नये कोर्स प्रारम्भ हुए है उनमे प्रवेश के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए, प्रवेश परीक्षा किस प्रकार की होगी | फीस संरचना क्या है इत्यादि बातो से काउंसलर को अपडेट रहना चाहिए | शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में क्या नवीन परिवर्तन हो रहे है रोजगार के उभरते क्षेत्र कौन कौनसे है उनमे क्या नवीन सम्भावनाये है आदि की जानकारी भी उसे होनी चाहिए |

पक्ष और विपक्ष

पक्ष
  • छात्रों के जीवन पर प्रभाव डालना।
  • काम का इनाम पाना।
  • कार्य संतुष्टि होना।
  • यदि आप लोगों के साथ बातचीत करना पसंद करते हैं तो अच्छा करियर विकल्प है।

विपक्ष

  • कक्षा समाप्त हो जाएगी लेकिन फिर नई कक्षाएं शुरु हो जाएगीं, यदि आप शिक्षण में रुचि नहीं रखते हैं, तो आप नौकरी पसंद नहीं कर सकते हैं।
  • बहुत अधिक काम।
  • विस्तारित काम के घंटे।

शैक्षणिक योग्यता

पेशेवर काउंसलर बनने के लिए कोई विशेष व्यावसायिक पाठ्यक्रम नही है | कुछ संस्थान मार्गदर्शन और परामर्श में डिप्लोमा कोर्स संचालित करते है | कोर्स करने के लिए किसी भी विषय में स्नाकोत्तर की उपाधि होना आवश्यक है | जिन उम्मीदवारों के पास मनोविज्ञान में उपाधि होती है या जिन्हें मनोविज्ञान के क्षेत्र में कुछ कार्यानुभव होता है उन्हें प्रवेश में वरीयता दी जाती है |

करियर संभावनाएं

आजकल स्कूलों और शैक्षिक संस्थानों में काउंसलर रखे जाते है | सामाजिक व्यवहार ,स्वास्थ्य , शिक्षा आदि के क्षेत्र में कार्य करने वाले स्वयंसेवी संघठनो , नशा मुक्ति केद्रो , नारी निकेतनो और सुधार गृहों में काउंसलर के रूप में कार्य किया जा सकता है | करियर काउंसलर के रूप में रोजगार के अवसर ही अवसर है | सुचना केन्द्रों , भर्ती एजेंसीज के साथ भी कार्य किया जा सकता है | स्वतंत्र रूप से अपना करियर काउंसलर सेण्टर भी चलाया जा सकता है |

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