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दुभाषिया और अनुवादक

क्या आपको भी एक से अधिक भाषाएं सिखने का शौक एवं बोलने का शौक है, क्या आप भी एक से अधिक भाषा में अपना अधिकार बनाना चाहते हैं। यदि ऐसा है तो आप इंटरप्रेटर यानि दुभाषिए और अनुवादन के क्षेत्र में करियर बना सकते हैं। दुभाषिए और अनुवादक एक भाषा से दूसरी भाषा में जानकारी की व्याख्या या अनुवाद करते हैं। दुभाषिया वह व्यक्ति है जो बोली जाने वाली या सांकेतिक भाषा में काम करता है, जबकि एक अनुवादक लिखित भाषा का उपयोग करता है। वे एक भाषा को दूसरी भाषा में परिवर्तित करके और विभिन्न भाषा पृष्ठभूमि के लोगों के बीच संचार को बढ़ाकर क्रॉस-सांस्कृतिक संचार में मदद करते हैं।

अनुवाद एक लिखित विधा है, जिसे करने के लिए कई साधनों की जरूरत पड़ती है। मसलन शब्दकोश, संदर्भ ग्रंथ, विषय विशेषज्ञ या मार्गदर्शक की मदद से अनुवाद कार्य को पूरा किया जाता है। इसकी कोई समय सीमा नहीं होती। अपनी मर्जी के मुताबिक अनुवादक इसे कई बार शुद्धिकरण के बाद पूरा कर सकता है। इंटरप्रेटशन यानी भाषांतरण एक भाषा का दूसरी भाषा में मौखिक रूपांतरण है। इसे करने वाला इंटरप्रेटर कहलाता है। इंटरप्रेटर का काम तात्कालिक है। वह किसी भाषा को सुन कर, समझ कर दूसरी भाषा में तुरंत उसका मौखिक तौर पर रूपांतरण करता है।
अनुवादक और दुभाषिए दोनों को कम से कम दो भाषाओं में धाराप्रवाह होना चाहिए: एक देशी या एक सक्रिय भाषा और दूसरी द्वितीयक या निष्क्रिय भाषा। हालाँकि कुछ लोग दोनों करते हैं, फिर भी दोनों के बीच थोड़ा अंतर है। जबकि व्याख्याकार अक्सर दोनों भाषाओं में काम करते हैं, अनुवादक आम तौर पर केवल अपनी सक्रिय भाषा में काम करते हैं। जबिक दुभाषिए को दोनों ही भाषा में महारत हासिल करनी होती है। 

दुभाषिया और अनुवादक के कार्य

दो देशों के बीच वार्तालाप या पत्राचार करने के लिए दुभाषिए या अनुवादक की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे प्रोफेशनल्स को विदेशी भाषा की अच्छी समझ होती है। इंटरप्रेटर का काम तात्कालिक है। ये एक भाषा में किसी बात को सुनकर, समझकर, उसे तुरंत दूसरी भाषा में रूपांतरित कर देते हैं। यह काम मूल भाषा से महज आधा मिनट पीछे रहते हुए मौखिक तौर पर किया जाता है। आजकल भाषा रूपांतरण का काम बहुत कुछ यांत्रिक ढंग से भी होने लगा है। विदेशी भाषा के जानकार सरकारी विभागों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में अनुवादक की भूमिका भी निभाते हैं। संसद जैसी कई संवैधानिक संस्थाओं में इंटरप्रेटर और ट्रांसलेटर को प्रथम श्रेणी के अधिकारी का दर्जा प्राप्त है।

कई लोग अनुवाद और इंटरप्रैटर को केवल हिंदी और अंग्रेजी के साथ जोड़कर ही देखते हैं। जबकि ऐसा नहीं है, अनुवाद के संदर्भ में हिंदी और अंग्रेजी का क्षेत्र बहुत विस्तृीत है, लेकिन अन्य  भाषाओं में भी अनुवाद के अनेक अवसर उपलब्धे हैं। यदि हम अपने देश के बारे में बात करें तो हिंदी के अलावा गुजराती, मराठी, कन्नाड, तमिल जैसी भाषाओं में भी अनुवादकों के लिए बहुत से अवसर उपलब्धर हैं। 

अनुवादक के रूप में काम करने के लिए पहली शर्त यही होती है कि जिन दो भाषाओं के अनुवाद का काम आप करना चाहते हैं, उन दोनों पर आपका पूरा अधिकार हो, उन दोनों भाषाओं का व्याचकरण, शब्दक-विन्याहस, वाक्यि विन्या स के साथ दोनों भाषाओं के सौंदर्यबोध की समझ होना भी बहुत जरूरी है।
अनुवादक के पास यदि साहित्यद में स्नाोतकोत्तूर की डिग्री हो तो एक अनुवादक के रूप में उसकी योग्यंता में वृद्धि होती है और उपरोक्तत विशेषताओं को अपनाना उसके लिए आसान हो जाता है। अनुवाद के क्षेत्र में बढ़ते अवसरों को देखते हुए कुछ विश्वोविद्यालयों में अनुवाद में एक वर्ष का डिप्लोामा और डिग्री कोर्स भी प्रारंभ किया है। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेकर भी अनुवाद में महारत हासिल की जा सकती है

अनुवादक कौन है

एक अनुवादक लिखित सामग्री को एक भाषा से दूसरी भाषा में परिवर्तित करता है। एक अनुवादक का लक्ष्य लोगों के लिए अनुवाद पढ़ने योग्य बनाना है जैसे कि वह मूल रुप में था। उन्हें मूल पाठ के विचारों, तथ्यों और अवधारणाओं को सही स्थान पर रखते हुए अनुवाद करना चाहिए। अनुवाद करते समय, भाषा के प्रवाह को अर्थ में परिवर्तन किए बिना ध्यान में रखा जाना चाहिए। कठबोली, सांस्कृतिक संदर्भों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
अनुवादक के रूप में काम करने के लिए पहली शर्त यही होती है कि जिन दो भाषाओं के अनुवाद का काम आप करना चाहते हैं, उन दोनों पर आपका पूरा अधिकार हो, उन दोनों भाषाओं का व्याचकरण, शब्दप-विन्या स, वाक्यं विन्याकस के साथ दोनों भाषाओं के सौंदर्यबोध की समझ होना भी बहुत जरूरी है।
अनुवादक के पास यदि साहित्यद में स्नाोतकोत्तूर की डिग्री हो तो एक अनुवादक के रूप में उसकी योग्याता में वृद्धि होती है और उपरोक्तत विशेषताओं को अपनाना उसके लिए आसान हो जाता है आज, अधिकांश अनुवाद कार्य कंप्यूटर पर किया जाता है। यह अंतिम एक के अनुमोदन से पहले कई ड्राफ्ट सेहोकर गुजरता है। अनुवादक आमतौर पर केवल अपनी सक्रिय या मूल भाषा में काम का अनुवाद करते हैं। यदि हम अपने देश के बारे में बात करें तो हिंदी के अलावा गुजराती, मराठी, कन्नरड, तमिल जैसी भाषाओं में भी अनुवादकों के लिए बहुत से अवसर उपलब्ध् हैं। 

अनुवादक के प्रकार:
  • स्वास्थ्य या चिकित्सा दुभाषिया और अनुवादक
  • कानूनी या न्यायपालिका व्याख्याकार और अनुवादक
  • साहित्य अनुवादक
  • स्थानीयकरण अनुवादक

दुभाषिया कौन होते हैं

एक दुभाषिया एक बोली जाने वाली भाषा से दूसरे में या बोली जाने वाली भाषा और सांकेतिक भाषा के बीच जानकारी को परिवर्तित करता है। दुभाषिए ज्यादातर धाराप्रवाह बोलने वाले या सक्रिय और निष्क्रिय दोनों भाषाओं के हस्ताक्षरकर्ता होते हैं क्योंकि वे उन लोगों के बीच आगे-पीछे संवाद करते हैं जो एक दूसरे की भाषा साझा नहीं करते हैं।
दुभाषिया के तौर पर काम करना भी अनुवाद के अंतर्गत ही आता है पर इसके आयाम अलग होते हैं किसी भी प्रोग्राम को संतुलित रूप से  चलाने के लिए एक दक्ष दुभाषिए की आवश्यकता होती है। वह भी तब यह अधिक जरूरी हो जाता है जब आयोजन उच्चस्तरीय भाषा के संवाद में हों । दुभाषिया एक मध्यस्थ की तरह काम करता है जो एक व्यक्ति की बात दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाता है। मशीनी भाषा ऐसे कार्य के लिए उपयुक्त नहीं है। दुभाषिया का काम मशीनी अनुवाद से एकदम अलग होता है।  शैक्षिक क्षेत्र में दुभाषिया और  अनुवादक दोनों की आवश्यकता पड़ती है। दो अलग-अलग देशों के राष्ट्राध्यक्ष जब बात करते हैं और उनके सामने भाषा की समस्या आती है । ऐसे में एक दुभाषिया ही इस समस्या का हल निकालता है। अधिकांश राष्ट्राध्यक्षों  की बातचीत दुभाषियों  के माध्यम से ही होती है।  यह एक भाषा को समझ कर दूसरी भाषा में उसे सी क्षण प्रस्तुत करते हैं। 

व्याख्या करने के 2 तरीके हैं: एक साथ और लगातार।
  • एक साथ व्याख्या करने के लिए दुभाषियों को उसी समय सुनने या देखने और बोलने या हस्ताक्षर करने की आवश्यकता होती है जब कोई व्यक्ति बोल रहा हो या हस्ताक्षर कर रहा हो।
  • स्पीकर की समाप्ति या पूर्ण वाक्यों पर हस्ताक्षर करने के बाद ही लगातार व्याख्या शुरू होती है।
दुभाषियों के प्रकार
  • साइन लैंग्वेज दुभाषिए
  • गाइड या अनुरक्षक दुभाषियों
  • सम्मेलन दुभाषिए

अनुवादक और दुभाषियों की भूमिका

  • मौखिक रूप से संवाद करना
  • सही विराम चिह्न, व्याकरण और वर्तनी का उपयोग करना
  • विषय का गहन ज्ञान प्राप्त करना
  • बोली जाने वाली या लिखित भाषा का पूर्ण ज्ञान होना।
  • लिखित या बोली जाने वाली भाषा का अनुवाद या व्याख्या करना।
  • अनुवाद सॉफ्टवेयर का उपयोग करना।
  • मौखिक या लिखित संचार तकनीकों का उपयोग करना।

अनुवादक और दुभाषिया के लिए आवश्यक कौशल

विदेशी भाषा: एक दुभाषिया या अनुवादक को विदेशी भाषा, उसकी संरचना, सामग्री और वाक्यविन्यास में पारंगत होना चाहिए। उसे एक से अधिक भाषा में महारत हासिल होनी चाहिए।

मौखिक और लिखित समझ: व्याख्या या अनुवाद करते समय लिखित वाक्य या बोली जाने वाली भाषा को समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

विषय ज्ञान: विषय ज्ञान व्यक्ति को विचार को समझने में मदद करता है और अर्थ में परिवर्तन किए बिना सामग्री का अर्थ वाक्य में अनुवाद करता है।

भाषण पहचान: स्रोत के भाषण को समझने के लिए दुभाषियों के लिए यह कौशल विशेष रूप से आवश्यक है।

श्रवण कौशल: किसी भी अनुवादक या दुभाषिए को वक्ता पर पूरा ध्यान देना चाहिए। इसे उनकी बात समझना चाहिए और किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी या तथ्य को बिल्कुल भी भूलना नहीं चाहिए।

व्यापार कौशल: एक फ्रीलांसर या स्व-नियोजित व्यक्ति को अपनी सेवाओं का विपणन करने में सक्षम होने के लिए अच्छा व्यावसायिक कौशल होना चाहिए।

शैक्षणिक योग्यता

कई संस्थान विदेशी भाषा में पीएचडी, डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स ऑफर कर रहे हैं। 12वीं पास युवा इस दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। अलग-अलग कोर्स में प्रवेश के लिए अलगअलग क्राइटीरिया हैं। कुछ संस्थान प्रवेश परीक्षा के आधार पर कोर्स में प्रवेश देते हैं। ध्यान रहे, फॉरेन लैंग्वेज सीखने के लिए अच्छी अंग्रेजी होना बहुत जरूरी नहीं है। बस, किसी भी एक भाषा पर अच्छी पकड़ होना जरूरी है।

करियर संभावनाएं

आज के समय में अनुवादक एवं दुभाषिए का क्षेत्र काफी बढ़ गया है। कई मीडिया कंपनियां, विज्ञापन एजेंसियां और प्रमोशन से जुड़ी कंपनियां लोगों को  अनुवादक एवं दुभाषिए के तौर पर नौकरी देती हैं। इस फील्ड में काफी उम्मीद है लेकिन सिर्फ उनके लिए जो अच्छे अनुवादक हैं।  अच्छा अनुवादक एवं दुभाषिए वही हो सकता है, जिसकी भाषा पर पकड़ हो और जो शब्दों को सही से व्यक्त करना जानता हो। सिर्फ मौलिक जानकारी के आधार पर आप अच्छे अनुवादक नहीं बन सकते हैं। इसके लिए आपको काफी मेहनत की जरूरत होती है। 

विदेशी भाषा के जानकारों के लिए सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में नौकरी की तमाम संभावनाएं हैं। दूतावास, सरकारी विभाग, टूरिज्म इंडस्ट्री, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर, मनोरंजन उद्योग, जनसंपर्क, विज्ञापन, प्रकाशन उद्योग, एविएशन सेक्टर, एफएमसीजी उद्योग, शैक्षणिक संस्थान आदि वे स्थान हैं, जहां पर आप नौकरी पा सकते हैं। बीपीओ या कॉल सेंटर के अलावा बैंकिंग सेक्टर में भी विदेशी भाषा के जानकारों की खूब मांग है।ऐसी जगहों पर विदेशी भाषा एक्सपर्ट की सेवाएं अनुवादक, पर्सनल असिस्टेंट, टूर ऑपरेटर या टूरिस्ट गाइड के रूप में ली जाती हैं। विदेशी पत्र-पत्रिकाओं या टीवी चैनलों में वहां की भाषा के जानकारों को विदेश में संवाददाता के रूप में रखा जा रहा है। यदि आप इंटरप्रेटर के रूप में नौकरी न करना चाहें, तो फ्रीलांस ट्रांसलेटर के रूप में भी काम कर सकते हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म फ्रीलांस अनुवादकों के लिए अच्छा करियर विकल्प बन चुका है, जहां आप ऑनलाइन कंटेंट राइटर या टेक्निकल ट्रांसलेटर बन सकते हैं।

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