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सामुदायिक और सामाजिक सेवा में करियर

यदि आपका दिल किसी बच्चे को भूख से मरता हुआ देख कर तड़प उठता है, यदि आप बेघर लोगों की मदद करने में असहाय महसूस कर रहे हैं, यदि दूसरों की आप मदद करना चाहते हैं तो आप सामुदायिक समाज सेवा के क्षेत्र में एक सही करियर बना सकते हैं जो ना केवल आपको मान और सम्मान देगा बल्कि आप अपने काम में संतुष्टि का भी एहसास करेगें। सामाजिक सेवा आपको स्वास्थ्य, आय, या लोगों की भावनात्मक परेशानियों के साथ काम करने का आग्रह करती हैं। सामाजिक कार्य लोगों की मदद करने के बारे में है, चाहे वह वस्तुओं और सेवाओं के माध्यम से हो या सामाजिक परिवर्तन लाकर। आप हर तरह से समाज की भलाई का कार्य कर सकते हैं। 

समाज कार्य का अर्थ लोगों को उनकी प्रतिदिन की सामाजिक समस्याओं का हल खोजने में मदद करना है। वर्तमान में समाज कार्य की अवधारणा में व्यापक परिवर्तन आया है। यह कार्य केवल दया या परोपकार की भावना से ही नहीं जुड़ा है बल्कि रोजगार के रूप में भी युवाओं को बहुत आकर्षित कर रहा है।  समाज-कार्य इन संबंधों में आने वाले अंतरों एवं सामाजिक परिवर्तन के कारणों की खोज क्षेत्रीय स्तर पर करने के साथ-साथ व्यक्ति के मनोसामाजिक पक्ष का भी अध्ययन करता है। समाज-कार्य करने वाले का आचरण विद्वान की तरह न होकर समस्याओं में पेशेवर के ज़रिये व्यक्तियों, परिवारों, छोटे समूहों या समुदायों के साथ संबंध स्थापित करने की तरफ़ उन्मुख होता है। 

सामुदायिक और सामाजिक सेवा करियर विकल्पों की सारणी प्रदान करती है। आप एक स्वास्थ्य शिक्षक होने के कारण समाज कल्याण को बढ़ावा दे सकते हैं, पुनर्वास काउंसलर या विवाह सलाहकार के रूप में सामाजिक, व्यक्तिगत और आर्थिक मुद्दों को दूर करने में लोगों की मदद कर सकते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता व्यक्तियों को धैर्यपूर्वक सुनने और ग्राहकों के साथ सहानुभूति रखने वाले व्यक्ति होते हैं और ऐसे व्यक्ति जो किसी भी कठिनाई के बावजूद बदलाव लाने के लिए तैयार रहते हैं। आप इसके जरिए समाज के हर वर्ग से जुड़ पाते हैं और उनकी समस्याओं को सुलझाने में उनकी मदद करते हैं।

समाजसेवियों के कौशल

  • मेडिकल स्टाफ के साथ अनुमानित आंकड़ों को एकत्र करना, जो निश्चित मानदंड और समय के अनुसार कार्य में लाए जाते हैं।
  • पिछड़ा क्षेत्र के लोगों और उनके परिवारों से बात, ताकि उन्हें पहुंच रहे लाभ का आकलन किया जा सके।
  • पिछड़ा क्षेत्र के लोगों को सूचना और सहयोग देना।
  • पिछड़ा क्षेत्र के लिए सपोर्ट पैकेज उपलब्ध कराना।
  • किसी विशिष्ट सेवा प्रदाता द्वारा दिए जा रहे सहयोग के संबंध में आवश्यक निर्णय लेना।
  • अन्य एजेंसियों के साथ सहयोग स्थापित करना।
  • बाल सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रों से जुड़े दलों की बैठकों में शिरकत करना।
  • किसी भी कानूनी कार्रवाई के लिए रिकॉर्ड की संभाल करना।
  • ट्रेनिंग, सुपरविजन और टीम मीटिंग्स में शामिल होना।

शैक्षणिक योग्यता

भारत में, सामाजिक क्षेत्र धीरे-धीरे विकसित हो रहा है और हालांकि इसमें कोई बुनियादी योग्यता की आवश्यकता नहीं है, यह सामाजिक कार्य या बैचलर ऑफ सोशल वर्क (बीएसडब्ल्यू) में डिग्री के लिए वांछित है।  इस क्षेत्र में कॅरियर बनाने के लिए देश में कई संस्थानों में पूर्णकालिक एवं अंशकालिक कोर्स की व्यवस्था है। इसमें मास्टर डिग्री, पीजी डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट कोर्स, तीन तरह के पाठ्यक्रम हैं। मास्टर डिग्री के लिए छात्र की योग्यता किसी संकाय में स्नातक होना अनिवार्य है, जबकि एकवर्षीय पीजी डिप्लोमा के लिए भी योग्यता इसी के समकक्ष होनी चाहिए। सर्टिफिकेट कोर्स के लिए छात्र का बारहवीं पास होने के साथ इस क्षेत्र में अनुभव होना आवश्यक है। कई संस्थान समाज कार्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु भर्ती परीक्षा का भी आयोजन करते हैं।

भारत में सामाजिक कार्य में करियर संभावनाएं

भारत में, पेशेवर सामाजिक कार्यकर्ता विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों (गैर सरकारी संगठनों) के साथ-साथ सरकारी मंत्रालयों में प्रशासनिक, प्रबंधन और नीति नियोजन पदों पर सीधे कार्य कर सकते  हैं। भारत में कई अंतरराष्ट्रीय संगठन हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में पेशेवरों की मांग करते हैं।  औद्योगिक और वाणिज्यिक इकाइयां भी सामाजिक कार्यकर्ताओं को काम पर रखना चाहती हैं। समाज सेवा के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय और सरकारी संस्थान और बड़े एनजीओ जैसे क्राई, एसओएस चिल्ड्रंस विलेजेज ऑफ इंडिया और हैल्पएज भी काम करते हैं, जो बाल सुधार, महिलाओं और श्रम अधिकारों के क्षेत्र में काम करते हैं। समाज सेवा को सबसे अधिक संतोषप्रद कार्यक्षेत्रों में भी माना जाता है। इसमें अपनी जैसी सोच वाले व्यक्तियों के साथ मिल कर राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में कार्य कर सकते हैं। यही नहीं, समाजसेवा करने वाले व्यक्तियों को सरकारी योजना निर्माण में भी मदद के लिए बुलाया जाता है।

कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ सामाजिक कार्यकर्ता कार्यरत हैं:

  • लत / पदार्थ का दुरुपयोग
  • बाल कल्याण
  • नैदानिक / मानसिक स्वास्थ्य
  • सुधारक संस्थाएँ / जेलें
  • बाल संरक्षण सेवाएँ
  • परामर्श और चिकित्सा
  • परामर्शदात्री सेवाएं
  • सामुदायिक विकास
  • बुजुर्गों की देखभाल
  • वातावरण
  • परिवार कल्याण और योजना
  • मानव संसाधन प्रबंधन
  • औद्योगिक विकास
अपराध विज्ञान और सुधारात्मक प्रशासन में विशेषज्ञता रखने वाले सामाजिक कार्यकर्ता, कारागरों, सुधारगृहों, पर्यवेक्षणगृहों, बालगृहों तथा रिमांड होम्स जैसे संस्थानों में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।  इसके अलावा, स्टूडेंट्स सोशल सर्विस वर्कर, सोशल ग्रुप वर्कर, स्कूल काउंसलर, रिसर्च एनालिस्ट, साइकोलॉजिकल सोशल वर्कर, मेडिकल सोशल वर्कर, इंडस्ट्रियल सोशल वर्कर, फैमिली काउंसलर, चाइल्ड वेलफेयर वर्कर और इंटरनेशनल सोशल वर्कर के रूप में भी कार्य कर सकते हैं।

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