लेखाकार

क्या आपको भी संख्याओं के साथ खेलना पसंद है, क्या आप भी गणित के सूत्रों और सवालों को हल करने में रुचि लेते हैं यदि ऐसा है तो अकांउंटेंट बनने का करियर आपके लिए एक सर्वोत्तम विकल्प हैं। अकाउंटेंट को लेखाकार भी कहा जाता है। लेखांकन एक अच्छा क्षेत्र है जिसमें यदि आप गणित में उच्च योग्यता रखते हैं, एवं गणित के सख्त नियमों और सूत्रों का सटीकता से पालन करते हैं तो आप एक अच्छे अकाउंटेंट हो सकते हैं।

लेखाकार  वो होते हैं जो अकाउंटिंग, ऑडिटिंग और टैक्सेशन में परिष्कृत होते हैं। वे मैनेजमेंट और कॉर्पोरेट केअरटेकर के रूप में भी काम करते हैं। इन दिनों अकाउंटेंसी एक पेशे अथवा प्रोफेशन के रूप में लोकप्रिय बन गया है। सीए की सेवाएँ पैसों से संबंधित यहाँ तक की छोटे-मोटे व्यवसायों के लिए भी आवश्यक मानी जाने लगी हैं। सीए के रुप में आपको इससे एक अच्छा करियर विकल्प मिल जाता है। 

अकाउंटिंग आज के दौर में बेहद प्रचलित करियर विकल्प बन गया है। उदारीकरण के दौर में देश में निजी कंपनियों के विस्तार और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के आगमन से सीए, आइसीडब्ल्यूए, सीएस, कंप्यूटर एकाउंटेंसी के एक्सप‌र्ट्स की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। एकाउंटिंग एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें आपका करियर ग्राफ तेजी से बढ़ता है। वैसे तो ज्यादातर कॉमर्स के छात्र ही अकाउंटिंग के क्षेत्र में जाना चाहते हैं, लेकिन दूसरे स्ट्रीम के छात्र के लिए भी इसके रास्ते खुले हुए हैं। 

लेखाकार कौन है

लेखाकार वे लोग होते हैं जो वित्तीय रिपोर्टों का विश्लेषण और आयोजन करते हैं। त्रुटि मुक्त रिकॉर्ड बनाना और रखना इस कार्य प्रोफ़ाइल का हिस्सा है। लेखाकार संगठन की वित्तीय कार्यवाही का आकलन करते हैं और करों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करते हैं।

लेखाकार के प्रकार

लेखाकार कई प्रकार के होते हैं जो विभिन्न कार्य करते हैं। यह पेशेवर रुप में विभिन्न विभागों से जुड़े होते हैं।
प्रबंधन लेखाकार: इन्हें निजी लेखाकार के रूप में भी जाना जाता है। वे मुख्य रूप से संगठन के आंतरिक वित्तीय कार्यों पर काम करते हैं। अंतर्राष्ट्रीय संचालन में बजट, निवेश और प्रदर्शन मूल्यांकन शामिल हैं।

सार्वजनिक लेखाकार: इनके कर्तव्यों में कर, लेखा परीक्षा, लेखा और परामर्श शामिल हैं। अधिकांश ग्राहक सरकारी संगठन हैं।

सरकारी लेखाकार: सरकारी संगठनों के कुशल संचालन को सुनिश्चित करता है। वे उन व्यक्तियों और निजी व्यवसायों की ऑडिटिंग करते हैं जिनकी गतिविधियाँ सरकारी कराधान, नियमों और विनियमों के अधीन हैं।

लेखाकार के विभिन्न पेशे

सीए
सीए का मतलब है चार्टर्ड एकाउंटेंट। चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑडिटिंग, टैक्सेशन और एकाउंटिंग में स्पेशलाइजेशन रखता है। सीए प्रोफेशन निरंतर लोकप्रिय होता जा रहा है। यहां तक कि छोटी कंपनियों और कारोबारियों को भी अपने आर्थिक मसलों के प्रबंधन के लिए सीए की जरूरत होती है। कंपनी अधिनियम के अनुसार भारत में किसी कंपनी में ऑडि¨टग के लिए सिर्फ चार्टर्ड एकाउंटेंट को ही रखा जा सकता है। सीए को चार्टर्ड एकाउंटेंसी का फाइनल एग्जाम पास करने के बाद इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आइसीएआइ) के एसोसिएट के रूप में स्वीकार किया जाता है।

सीएस
सीएस का मतलब है कंपनी सेक्रेटरीशिप। कंपनी सेक्रेटरी ऐसा प्रोफेशनल कोर्स है, जिसका प्रबंधन द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आइसीएसआइ) द्वारा किया जाता है। कंपनी अधिनियम के अनुसार जिन कंपनियों की चुकता पूंजी 50 लाख रुपये या उससे ज्यादा है, उन्हें कंपनी सेक्रेटरी रखना जरूरी होता है। कंपनी सेक्रेटरी बनने के लिए किसी कैंडिडेट को अब फाउंडेशन कोर्स, एग्जिक्यूटिव प्रोग्राम और प्रोफेशनल कोर्स पास करना होता है जिन्हें पहले फाउंडेशन एग्जामिनेशन कहा जाता था। इंस्टीट्यूट एक इंटरमीडिएट और फाइनल एग्जाम आयोजित करता है और बाद में कैंडिडेट्स को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग करनी पड़ती है। इसके बाद वह कंपनी सेक्रेटरी की सदस्यता के योग्य माना जाता है।

आइसीडब्ल्यूए
आइसीडब्ल्यूए के तहत कॉस्ट और व‌र्क्स एकाउंटेंसी का कार्य आता है। यह प्रोग्राम इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट ऐंड व‌र्क्स एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आइसीडब्ल्यूएआइ) द्वारा संचालित किया जाता है। कॉस्ट ऐंड वर्क एकाउंटेंट किसी कंपनी की बिजनेस पॉलिसी तैयार करते हैं और पुराने एवं मौजूदा वित्तीय प्रदर्शन के आधार पर किसी प्रोजेक्ट के लिए अनुमान जाहिर करते हैं।

कंप्यूटर एकाउंटेंसी
कंप्यूटर एकाउंटेंसी नए जमाने का एकाउंटिंग कोर्स है। खास बात यह है कि इस कोर्स को करने के लिए कॉमर्स का बैकग्राउंड होना कतई जरूरी नहीं है। दिल्ली के पूसा रोड स्थित आइसीए के डायरेक्टर अनुपम के अनुसार बारहवीं या ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद सीआइए प्लस का एडवांस कोर्स करके एकाउंटेंट के रूप में जॉब आसानी से पाई जा सकती है। दरअसल, आजकल ऑफिसेज में एकाउंटिंग पहले जैसे बहीखाते और लेजर के द्वारा नहीं होता, बल्कि एडवांस कंप्यूटर्स और सॉफ्टवेयर के माध्यम से होता है। 

एक लेखाकार की भूमिका

  • रिकॉर्ड बनाए रखना।
  • खातों की ऑडिटिंग करना।
  • करों को संभालना।
  • लागत में कटौती और लाभ में सुधार करना।
  • निवेश करवाना।

लेखाकार होने के लिए कौशल की आवश्यकता होती है

गणितीय कौशल: लेखाकार बनने के लिए विषय की अच्छी समझ और तथ्यों और आंकड़ों की व्याख्या करने में सक्षम होना चाहिए। आपको गणित के सूत्रों और नियमों की अच्छी समझ होनी चाहिए।
  • विश्लेषणात्मक कौशल: स्थिति का विश्लेषण करने और समाधान प्रदान करने में सक्षम होना चाहिए।
  • संचार कौशलः संवाद करने में सक्षम होना चाहिए और एक अच्छा श्रोता होना चाहिए।
  • मजबूत अवलोकन: न्यूनतम विवरणों पर ध्यान देना चाहिए।
  • संगठनात्मक कौशल: अच्छा संगठनात्मक कौशल होना चाहिए।

लेखाकारों के फायदे और नुकसान

पक्ष
उच्च वेतन
कार्य संतुष्टि
अर्थव्यवस्था की स्थिति पर ध्यान दिए बिना उत्कृष्ट नौकरी सुरक्षा

विपक्ष
दोहराव का काम
विस्तारित काम के घंटे
मानवीय त्रुटियों के लिए उच्च क्षमता
काम करने की सख्त शर्तें

लेखाकार बनने की योग्यता

लेखाकारों के लिए शैक्षिक आवश्यकताएं नौकरी की विशिष्ट प्रकृति और कंपनी को काम पर रखने पर निर्भर करती है। प्रवेश स्तर के कर्मचारियों एकाउंटेंट के बहुत पास केवल स्नातक की डिग्री है, और कुछ भी कम है हाई-एंड मैनेजमेंट परामर्शदाता के पास मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) या मास्टर ऑफ एकाउंटेंसी डिग्री है। लगभग बिना किसी अपवाद के, सार्वजनिक लेखा कंपनियां चाहते हैं कि वे नए करियर को प्रमाणित सार्वजनिक लेखाकार (सीपीए) परीक्षा पास करें या बहुत कम से कम, इसे लेने के लिए योग्य हों। इसके लिए 150 घंटे पोस्टसेकंडरी शिक्षा की आवश्यकता होती है, जो स्नातक की डिग्री से अधिक है लेकिन मास्टर की डिग्री पूरी किए बिना प्राप्त किया जा सकता है नए सार्वजनिक एकाउंटेंट के बहुमत एमबीए या एमएसीसी डिग्री प्राप्त करते हैं, क्योंकि 150 घंटों के बीच में अंतर करने और आगे बढ़ने और समाप्त होने में अंतर आमतौर पर कम है।

करियर संभावनाएं:

अकाउंटेंट के माध्यम से आप सीए बनकर आप देश-विदेश की कंपनियों में फाइनांस, अकाउंट एवं टैक्स डिपार्टमेंट में फाइनांस मैनेजर, अकाउंट मैनेजर, फाइनेंशियल बिजनेस एनालिस्ट, ऑडिटिंगइंटरनल ऑडिटिंग, मैनेजिंग डायरेक्टर, सीईओ, फाइनेंस डायरेक्टर, फाइनेंशियल कंट्रोलर, चीफ अकाउंटेंट, चीफ इंटरनल ऑडिटर जैसी पोजिशन पर काम कर सकते हैं।

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